स्पिनिंग मिलों की मांग बनी रहने के  कारण नरमा कपास में आई तेजी

शभर की मंडियों में 230 लाख गांठ से ज्यादा हुई कॉटन की आवक, भाव में तेजी cotton report 2024< -


March 13, 2024 स्पिनिंग मिलों की मांग बनी रहने के कारण मंगलवार को गुजरात के साथ ही उत्तर भारत के राज्यों में कॉटन की कीमतों में तेजी आई। गुजरात के अहमदाबाद में 29 शंकर-6 किस्म की कॉटन के भाव 50 रुपये तेज होकर दाम 61,600 से 62,000 रुपये प्रति कैंडी, एक कैंडी-356 किलो हो गए। पंजाब में रुई के हाजिर डिलीवरी के भाव तेज होकर 6175 से 6200 रुपये प्रति मन बोले गए।

हरियाणा में रुई के भाव हाजिर डिलीवरी के भाव बढ़कर 6100 से 6200 रुपये प्रति मन बोले गए। ऊपरी राजस्थान में रुई के भाव हाजिर डिलीवरी के भाव बढ़कर 5800 से 6375 रुपये प्रति मन बोले गए। खैरथल लाइन में कॉटन के दाम तेज होकर 60,700 से 61,000 रुपये कैंडी, एक कैंडी-356 किलो बोले गए। देशभर की मंडियों में कपास की आवक 83,800 गांठ, एक गांठ-170 किलो की हुई।

घरेलू वायदा बाजार एमसीएक्स के साथ ही एनसीडीएक्स पर आज शाम को कॉटन की कीमतों में शाम को गिरावट का रुख रहा। आईसीई के इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग में कॉटन के दाम शाम के सत्र में कमजोर हुए। स्पिनिंग मिलों की मांग बढ़ने से उत्तर भारत के राज्यों के साथ ही गुजरात में कॉटन की कीमतों में सुधार आया। जानकारों के अनुसार विश्व बाजार में कॉटन की कीमतों में तेजी आई तो फिर घरेलू बाजार से इसके निर्यात सौदों में बढ़ोतरी होगी।

व्यापारियों के अनुसार खपत का सीजन होने के कारण यार्न की स्थानीय मांग बढ़ेगी, जबकि देशभर की छोटी स्पिनिंग मिलों के पास कॉटन का बकाया स्टॉक भी कम है। उत्पादक मंडियों में कपास की दैनिक आवकों में कमी आई है, तथा आगामी दिनों में आवक और कम होंगी। इसलिए हाजिर बाजार में कॉटन की कीमतों में अभी बड़ी गिरावट के आसार नहीं है।
कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया, सीएआई ने फसल सीजन 2023-24 के दौरान अपने कपास उत्पादन अनुमान को 294.10 लाख के पूर्व स्तर पर बरकरार रखा है। मालूम हो कि फसल सीजन 2022-23 के दौरान देशभर में 318.90 लाख गांठ कॉटन का उत्पादन हुआ था। केंद्रीय कृषि मंत्रालय के दूसरे अग्रिम अनुमान के अनुसार फसल सीजन 2023-24 के दौरान देश में कपास का उत्पादन 323.11 लाख गांठ, एक गांठ-170 किलो होने का अनुमान है।<


Share to ....: 503    


Most viewed


Short Message Board

Weather Forecast India

Visiter's Status

Visiter No. 31673781

Saying...........
Men, their rights, and nothing more; women, their rights, and nothing less.





Cotton Group